National News : निर्भया के मुजरिमों को फांसी के तख्ते पर झूलते हुए देखने को बेताब हर हिन्दुस्तानी

LUCKNOW‌ HTNLIVE DESK

निर्भया केस में फांसी की सजा पााये दो आरोपियों के बकीलो द्वारा दायर क्यूरेटिव याचिका खारिज सजा पाए 4 दोषियों में शामिल विनय शर्मा और मुकेश सिंह ने क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी। इसे सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने मंगलवार को खारिज कर दिया। इससे पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पिछले हफ्ते दोषीअक्षय ठाकुर (31), पवन गुप्ता (25), मुकेश सिंह (32) और विनय शर्मा (26) का डेथ वॉरंट जारी किया था। अदालत ने चारों दोषियों को एक साथ 22 जनवरी कीसुबह 7 बजे फांसी पर लटकाने का वक्त मुकर्रर किया है। तिहाड़ जेल में फांसी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

देश में पहली बार निर्भया केस को लेकर देश की जनता का क्रोध देखने को मिल रहा है पहली बार पूरे देश की आंखें इस केस के आरोपियों को फांसी के तख्ते पर झूलते हुये देखने को बेताब हो रही हैं

पहली बार देश में आरोपियों की फांसी को लेकर एक जुनून सा दिखाई दे रहा है तमाम सोशल मीडिया प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रानिक मीडिया निर्भया के हत्यारों की फांसी को लेकर प्रतिदिन अपनी अपनी रिपोर्टिंग कर रहे हैं कुछ मीडिया प्लेटफार्म इस फांसी को अपनी ड्राफ्टिंग के जरिये एक कभी न भूलने बाली एक यादगार मिस्ट्री वना रहे हैं

पहली बार सोशल मीडिया प्लेटफार्म इन चारों अभियुक्तों की फांसी को लेकर क्षण क्षण की रिपोर्टें कुछ इस तरह से देरहे हैं कि महज सोशल मीडिया की रिपोर्टिंग से ही अब तक कानून को वकीलों के दांव पेंच और पैसे से विकने वाले अधिकारियों के बलवूते तमाम हत्याओं करके साफ बच निकलने बारे सूरमाओं जैसे जेल में बंद बिहार के बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन , अंतरराष्ट्रीय माफिया डान छोटा राजन सहित तमाम आतंक वादियों अपराधियो में अब पहली बार कानून का डर दिखाई देने लगा है

फांसी देने वाले मेरठ के जल्लाद पवन का नाम और चेहरा अब हर अपराधी को सपने में दिखाई देने लगा है प्रिंट मीडिया शोशल मीडिया में लगातार प्रसारित होने वाली खबरों फांसी की रस्सी कहां से वन कर आती है कौन वनाता है कैसे वनाता है

रस्सी की लंबाई कितनी होती है रस्सी पर मक्खन क्यो और कितना लगाया जाता है गर्दन की माप कैसे ली जाती है क्यों ली जाती है फांसी लगते समय गर्दन की हड्डियां कैसे टूटती हैं गर्दन कितनी लंबी हो जाती है बगैरह बगैरह आज देश में हर गली नुक्कड़ चाय की दुकानों पर चर्चा का अहम विषय वना हुआ है जिसे सुन सुन कर अपराधियो के दिलों में पहली बार कानून और सजा का खौफ अपराधियो के चेहरों पर प्रतय्क्ष दिखाई देने लगा है

रविवार को दोषियों की डमी को फांसी दी गई थी। यह प्रक्रिया फांसी से पहले की रिहर्सल मानी जाती है। इसके लिए पत्थरों और मलबे से चारों दोषियों की डमी उनके वजन के हिसाब से तैयार की गई थी। हालांकि,इस प्रक्रिया के लिए जल्लाद नहीं बुलाया गया और जेल अधिकारियों ने ही इस प्रक्रिया को अंजाम दिया था, चारों दोषियों को जेल नंबर 3 में फांसी दी जाएगी। तीन दोषी जेल नंबर 2 में रखे गए हैं और एक को जेल नंबर 4 में रखा गया है। निर्भया के केस में वारदात के 2578 दिन बाद डेथ वॉरंट जारी हुआ था। 16 दिसंबर 2012 को निर्भया गैंगरेप का शिकार हुई थी। नौ महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। मार्च 2014 में हाईकोर्ट और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी थी।अब सभी को इंतजार है 22 जनवरी का जब पवन जल्लाद के हाथों चारों हत्यारों को एक साथ फांसी पर लटका कर इस निर्भया हत्याकांड का कानूनी समापन किया जायेगा

उत्तर प्रदेश के जल्लाद पवन चारों दोषियों को एक साथ एक ही समय फांसी के फंदे पर लटकाएंगे। ऐसा कर पवन अपने दादा का रिकॉर्ड तोड़ेंगे। चारों दोषियों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। मेरठ के पवन का परिवार चार पीढ़ियों से जल्लाद का काम कर रहा है। 1950-60 के दशक में लक्ष्मण देश में मुंसिफो (कोर्ट) द्वारा फांसी की सजा दिए जाने के बाद मुजरिमों को फांसी पर चढ़ाने का काम करते थे। अब उन्हीं का पड़पोता पवन अपनी जिंदगी की पहली फांसी देने की तैयारी में जुटा है। वहीं इन चारों को एक साथ फांसी देने के लिये जेल प्रसाशन द्वारा नियुक्त जल्लाद पवन ने कहा, “मैं एक साथ अपनी जिंदगी की पहली फांसी में चार-चार मुजरिमों को टांगने वाला हूं

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