Lucknow Cant : कैंट में अरुण द्विवेदी या सुरेश तिवारी फैसला करेंगे मतदाता

canyy bye election caddidate arun dwivedi and suresh tiwari

उपचुनाव का खत्म हो गया चुनावी शोर… जोड़ -तोड़ में जुटे प्रत्याशी

किसी को जमीनी मेहनत पर भरोसा तो कोई भौकाल के सहारे…मतदाता है भाग्यविधाता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनावों के प्रचार का शोर थम चुका है।कल लखनऊ के कैंट विधान सभा चुनाव में प्रत्याशियों ने रैली निकाल कर और पदयात्रा करके चुनाव प्रचार का समापन किया।
कैट में अरुण द्विवेदी या सुरेश तिवारी फैसला करेंगे मतदाता…
कैंट उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी अरुण द्विवेदी व भाजपा प्रत्याशी सुरेश तिवारी के बीच कड़ी टक्कर है वही स्थानीय मतदाताओ के बीच सपा प्रत्याशी और कांग्रेस प्रत्याशी कोई खास स्थान हासिल करते  नही दिख रहे है। हालांकि सपा प्रत्याशी आशीष चतुर्वेदी और कांग्रेस प्रत्याशी ने इस चुनाव में जी तोड़ मेहनत की है।
सुरेश तिवारी का शक्ति प्रदर्शन...
चुनाव प्रचार में अंतिम दिन भाजपा प्रत्याशी सुरेश तिवारी ने भारी भीड़ के साथ पद यात्रा की और भरपूर शक्ति प्रदर्शन किया ,यही नही सुरेश तिवारी को जिताने के लिए भाजपा ने कोई कोर कसर नही छोड़ी है।उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सहित भाजपा के दर्जन भर से ज्यादा सांसदों और मंत्रियों द्वारा चुनाव प्रचार का हिस्सा बनने से यह स्पष्ट है कि ये सीट भाजपा के “नाक”की सीट है।
 कैंट विधान सभा के मतदाताओं को प्रभाव मिलने और वोट भाजपा को देने के लिए प्रचार के आखिरी दिन लखनऊ के बीकेटी विधान सभा,मोहनलालगंज ,मलिहाबाद,लखनऊ उत्तर सहित मंडल से भी कार्यकर्ताओ को बुलाया गया ताकि सड़क पर एक बड़ा जुलूस दिख सके। साथ ही सोशल मीडिया पर भी जोर शोर से प्रचार किया जा रहा है। लेकिन चर्चा ये है कि इस जुलूस में स्थानीय लोगों की भागीदारी कम रही।
वही सपा प्रत्याशी प्रत्याशी आशीष चतुर्वेदी के प्रचार में सपा नेता आनंद भदौरिया सहित अन्य नेताओं ने प्रत्याशी के लिए जंपसम्पर्क किया।

बसपा ने किया जमीनी प्रचार प्रसार ,सोशल मीडिया से बनाये रखी दूरी

बसपा प्रत्यासी अरुण द्विवेदी ने कैंट के घर घर जाकर वोट के लिए अपील की व सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। बसपा के कार्यकर्ता पवन मिश्रा ने बताया कि बाहरी भीड़ और भौकाल दिखाकर झूठे वादे करके चुनाव जीतना भाजपा का चरित्र रहा है। बसपा ने कभी लुभावने वायदे नही किये और सत्ता आने पर हमेशा उम्मीद से ज्यादा काम किया है। हमने हर गली ,मोहल्ले जाकर लोगों की जनसमस्याएं सुनी है आक्रोश झेला है। हमारे प्रत्याशी अरुण द्विवेदी भौकाल और दिखावे के बल पर नही साधारण तरीके से जनप्रतिनिधि की तरह चुनाव लड़ रहे है। कैंट की जनता भौकाल चुनती है  या काम करने वाला नेता ये उस पर निर्भर करता है।
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