Lakheempur Kheeri News : नही थम रहा टाइगरों का कहर

लखीमपुर-खीरी

नही थम रहा टाइगरों का कहर

दो गांवों में टाइगरों ने गांव के पास ही एक गाय वह एक बछिया को वनाया अपना निवाला

आदेश शर्मा जिला व्यूरो

जनपद लखीमपुर-खीरी

दक्षिण खीरी वन प्रभाग की वन रेंज महेशपुर में बाघों ने दो अलग अलग स्थानों पर गौवंशीय पशुओं को निवाला वना कर दहशत फैला दी है

क्षेत्र के ममरी, गोविंदापुर ,सियाई पारा, ऊँचा गांव के खेतों में घूम रहा बाघ रात्रि में गोविंदापुर गांव के अंदर जा घुसा, जब कि वन विभाग व दुधवा नेशनल पार्क के कर्मचारियों द्वारा खतरनाक टाइगर को पकड़ने के लिये क्षेत्र के गांवों में टाइगर की मौजूदगी बारे संभावित स्थानों गन्ने के खेतों में लगाये पिजड़ो में आज भी कोई बाघ नहीं फँस सका।

वन कर्मी एवं डब्ल्यू टी आई की टीमें पिजड़ा व कैमरा लगाने एवं पग चिन्हों की पड़ताल में लगी रहीं।वह हाथियो से भी टाइगरों की टोह लेने का प्रयास किया जा रहा है

टाइगरो ने रेंज के ग्राम टीकापुर के गन्ने में बछड़े को, ऊंचा गांव के गन्ने में गाय को निवाला बनाकर दहशत फैला दी है।गोविंदापुर ऊँचा गांव के बीच कई दिनों से मौजूद बाघ बीती रात्रि गोविंदापुर के पश्चिम बहादुर लाल,जसवंत लाल बहादुर के घरों के सामने बने घरों के सामने जमकर उत्पात मचाया तो कुत्तों ने मोर्चा संभाल कर उसे खदेड़ा जिसकी दहशत में ग्रामीण रात भर जागते रहे।सूचना पर वन कर्मी जगदीश वर्मा,रामप्रसाद,श्याम किशोर शुक्ला मतीन अहमद डब्लयू टी आई के सुशांत सोमा,सुमित शाहा,बाघ मित्र अनिल चौहान आदि ने मौका मुआयना कर मिले पगचिन्ह से बाघ की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए लोगों को सतर्क रहने समूह में निकलने एवं रात्रि में घरो से न निकलने की सलाह दी है।टीका पुर के पास दो पिजड़े ,दो कैमरे तथा ऊंचा गांव एव गोविंदापुर में भी कैमरे लगाये गए हैं।

उधर क्षेत्र में लगाये गए पिजड़ो को धता बताते हुए बाघ करीब नहीं आ रहे।बाघों की जगह जगह मौजूदगी से समूचे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित है

कल ही जिले की टाइगर बहुल्य भीरा रेंज के बोला ग्राम निवासी मटरू को टाइगर ने उस समय मार डाला और खा गया जब बह अपने साथियों के साथ शारदा नदी के किनारे गन्ना छीलने की मजदूरी करने गया था इसके पूर्व कटैया में एक किसान को व महेश पुर रेंज के बुंदेली नानकार में एक किसान को अभी दस दिनों के अंदर ही टाइगर अपना निवाला वना चुके हैं दहशत का आलम यह है कि प्रभावित दर्जनों गांवों मे लोग सरेशाम निकलना बंद कर चुके हैं रात में लोग टाइगरों के डर से फसल बचाने नहीं जा रहे घुमंतू गोवंश वह वन्य जीव गेहूं की फसलों को धड़ल्ले से चल कर नष्ट कर रहे और किसानों को बर्वाद कर रहे हैं वहीं मिल से गन्ना सप्लाई की पर्चियां आने के बाद किसानों को गन्ना छिलाई के लिये लेवर नहीं मिल रहे

टाइगरों के खौफ के चलते स्थानीय लेबर पंजाव या दूसरे प्रांतों की तरफ काम करने जा रहे हैैं

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