Games India Youth Games: खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2020 में मुरादाबाद के तीन खिलाड़ियों ने लहराया जीत का परचम

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खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2020
जूडो में सुमित यादव, रोहित बिश्नोई और आलोक पांडे ने कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया देश का गौरव

रिपोर्ट – अमन मिश्रा

असम में शुरू हुई तीसरी खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2020 में मुरादाबाद के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश में नाम रोशन किया है | जूडो में अंडर 21 वर्ग आयु में प्रतिभाग करते हुए “सुमित यादव” ने 66 किलो भार वर्ग , “रोहन बिश्नोई” ने 100 किलो भार वर्ग एवं “आलोक पांडे” ने 100 किलो भार वर्ग से अधिक में कांस्य पदक जीता | ब्लाइंड पैरा नॉर्मल जूडो संस्था के सचिव सोहेल खान, खालिद अली , राजकुमार प्रजापति ,एवं “अंतरराष्ट्रीय रेफरी संजय गिरी ने सभी खिलाड़ियों को जीत की शुभकामनाएं दी

सुमित यादव :- लाइनपार विकास नगर के निवासी सुमित यादव ने बताया कि पापा “कृष्ण पाल सिंह” न्यायालय में अर्दली हैं | और मैं 7 साल से जूडो खेल रहा हूँ | वर्ष 2017 में भोपाल में जूनियर नेशनल में रजत पदक जीता , एक्सपो इंटरनेशनल 2016 लखनऊ में स्वर्ण पदक जीता 2018 में स्कूल नेशनल रीवा एमपी में चौथा स्थान प्राप्त किया | वर्ष 2019 में जूनियर नेशनल लखनऊ में चौथा स्थान प्राप्त किया था

आलोक पाडेंय :- मुरादाबाद में कांट रोड स्थित वशिष्ठ विहार कॉलोनी के निवासी “आलोक पांडे” ने बताया कि मेरे पापा किसान हैं | और मैं 5 साल से जूडो खेल रहा हूँ | वर्ष 2016 सैफई में हुये जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता | 2019 लखनऊ में हुये जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता | जबकि गत वर्ष सीनियर नेशनल चैंपियनशिप विशाखापट्टनम में पांचवा स्थान प्राप्त किया | आलोक ने बताया कि वह निजी अकादमी में अभ्यास करते हैं | असम में पहला मैच पंजाब से 2 मिनट में , दूसरा मैच असम से 10 सेकंड में तकनीकी अंक हासिल कर जीत लिया | तीसरा मैच दिल्ली के खिलाड़ी को 2 मिनट में हराया एवं सेमीफाइनल में हरियाणा से 4 मिनट में पेनाल्टी से हार गए | उन्होंने अपनी जीत का श्रेय अपने पिताश्री “राजू पांडे” एवं अपनी माताजी प्रवेश पांडे जी और प्रशिक्षक महेश सोनी को दिया |
[1/1रोहन बिश्नोई** रोहन ने गत वर्ष भी खेलो इंडिया यूथ गेम्स में अंडर 17 आयु वर्ग में प्रतिभाग कर कांस्य पदक जीता था| उन्होंने बताया कि वह 8 साल से जूडो खेल रहे हैं | इससे पहले सीबीएसई नेशनल चैंपियनशिप में 2014 से 2017 तक लगातार “स्वर्ण पदक” जीते हैं | जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से 2015 में सब जूनियर जूडो नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता | 2016 में विशाखापट्टनम में “रजत पदक” प्राप्त कर चुके हैं | रोहन ने अपनी जीत का श्रेय अपने पिता सुनील बिश्नोई और प्रशिक्षण महेश सैनी को दिया |

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