दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के चुनाव आयोग पर लगते आरोप और निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के लिय चुनावी प्रक्रिया में होते बदलावों पर विशेष-

💐सुप्रभात;सम्पादकीय💐
🙏🙏🙏🙏🙏🙏
साथियोंं,
दुनिया में भारत जैसा कोई ऐसा दूसरा लोकतांत्रिक धर्म निरपेक्ष देश नहीं है जहाँ पर सभी धर्म सम्प्रदाय जाति वर्ग के मतदाताओं का विश्वास जनतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हो।देश के करोड़ों मतदाताओं के दिली राय की सुमारी करके उसकी इच्छा के अनुरूप बहुमत के आधार पर सरकार एवं विपक्ष का गठन करने में अहम भूमिका निभाने वाला चुनाव आयोग चुनाव के दौरान राष्ट्रपति के बाद देश का दूसरा प्रशासक सरकार बन जाता है। हमारा चुनाव आयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सभी ग्राम पंचायत से लेकर देश की सर्वोच्च पंचायत लोकसभा तक का गठन कराता है।चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष शांतिपूर्ण चुनाव मतदान सम्पन कराने के दिशा में समय समय पर अहम भूमिका अदा करता रहा है ताकि सभी राजनैतिक दलों एवं मतदाताओं के दिलों में उसके प्रति निष्पक्षता एव पारदर्शिता का भाव बना रहे।एक तरह से चुनाव आयोग लोकतंत्र में लोकतांत्रिक जनतांत्रिक व्यवस्था का रक्षक संरक्षक होता है क्योंकि लोकतंत्र में राजा अथवा सरकार रानी के पेट से नहीं बल्कि मतपेटी से पैदा होता है।एक जमाना वह भी था जब चुनाव के दौरान मतदान केन्द्रों पर राजनैतिक दलों के लोग अराजक तत्वों के जरिये मतदान केन्द्रों पर कब्जा करके जबरदस्ती मतपत्रों में मुहर लगा लेते या चुनाव के बाद मतदान पेटियों को बदल लिया जाता था।आज डिजिटल इंडिया के जमाने में हमारा चुनाव आयोग भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से सुसज्जित हो गया है।एक भारत का ही चुनाव आयोग है जो चुनाव की हर प्रक्रिया को डिजटल इंडिया से जोड़कर पारदर्शिता की अंतिम चरम सीमा पर पहुंच गया है।आयोग पर समय समय पर राजनैतिक इशारे पर काम करने के आरोप लगते रहे हैं। चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के लिये लगातार प्रयत्नशील रहता है।पहले विपक्षी सत्तादल पर मतपत्र के जरिये मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर अंगुली उठाकर गड़बड़ी कराने के आरोप लगाते थे। जब आयोग इसमें सुधार लाने एवं पारदर्शिता बनाये रखने के लिये मतदान प्रक्रिया को बदलकर उसे इलैक्ट्रानिक सिस्टम से जोड़कर मतदान प्रक्रिया को मुहर लगाने की जगह वीपीएम मशीन से जोड़ दिया गया है।इधर काफी समय से आयोग की इन वीपीएम मशीनों से होने वाले मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगने लगे थे।इतना ही नहीं विपक्षी इन इलेक्ट्रॉनिक मशीनों में सेटिंग करके चुनाव जीतने की साजिश की आशंका जताकर पुरानी वोटिंग मतपेटियो वाली मतदान व्यवस्था लागू करने की भी मांग शुरू हो गई थी।आयोग द्वारा
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की सेटिंग करने के विपक्षी दलों की आशंकाओं अटकलों पर विराम लगाकर अपनी नियत पर संदेह व्यक्त करने वालों क़ो जबाब देने के उद्देश्य से में इस बार होने जा रहे आगामी लोकसभा चुनाव में वोटिंग मशीन के साथ एक दूसरी मशीन वीवीपैड को जोड़ दिया गया है।इस अतिरिक्त मशीन के लग जाने से मतदाता मतदान के बाद यह जान सकता है कि उसने जिस प्रत्याशी को वोट दिया था वह उसी को मिला या नही मिला है।आयोग के इस फैसले के बाद इलेक्ट्रॉनिक मशीन को फिक्स करने की आशंका एवं आयोग की निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त करने वालों प्रमाण जैसा दे दिया है।इस बार लोकसभा चुनाव की घोषणा करते हुए दो दिन पहले आयोग ने दुनिया के सबसे बडे लोकतांत्रिक देश में चुनावी डंका बजाते चुनावी अधिसूचना जारी कर दी है।अधिसूचना जारी होते 2019 लोकसभा चुनावी महाभारत की रणभेरी बज गई हैं और इसमें शामिल होने योद्धा मैदान में ताल ठोककर विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों के रूप मे मैदान में अवतरित होने लगे हैं।साथ ही कार्यक्रम को लेकर विपक्षी दलों का आरोप प्रत्यारोप तथा संशोधन करने की मांग की जाने लगी है जिसे आयोग एवं सरकार ने एक सिरे से खारिज कर दिया है। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात/ वंदेमातरम/गुडमार्निंग/नमस्कार/अदाब/जयहिन्द/शुभकामनाएं।।ऊँ भूर्भुवः स्वः—–/ऊँ नमः शिवाय।।।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏
भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Average Rating
0 out of 5 stars. 0 votes.

2 Comments

Leave a Reply

%d bloggers like this: